मध्य प्रदेश राज्य पात्रता परीक्षा (MP SET) राज्य के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में सहायक प्रोफेसर के पदों के लिए आयोजित की जाती है। यह परीक्षा मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) द्वारा आयोजित की जाती है। MP SET की तैयारी के लिए सबसे पहले इसके सिलेबस को समझना अत्यंत आवश्यक है। इस लेख में हम MP SET परीक्षा के पूर्ण पाठ्यक्रम, पेपर पैटर्न, महत्वपूर्ण विषयों और अक्सर पूछे जाने वाले सवालों पर विस्तृत चर्चा करेंगे। यह लेख उन सभी उम्मीदवारों के लिए उपयोगी है जो 2026 या आने वाले वर्षों में MP SET परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं।
MP SET परीक्षा का पैटर्न
MP SET परीक्षा दो पेपरों में विभाजित है। दोनों पेपर एक ही दिन एक ही पाली में ऑनलाइन (CBT) मोड में आयोजित होते हैं। नीचे पेपर पैटर्न की तालिका दी गई है:
| विवरण | पेपर 1 | पेपर 2 |
|---|---|---|
| प्रश्नों की संख्या | 50 (अनिवार्य) | 100 (अनिवार्य) |
| प्रत्येक प्रश्न के अंक | 2 | 2 |
| कुल अंक | 100 | 200 |
| विषय | शिक्षण एवं शोध अभिक्षमता (सामान्य) | चयनित विषय (विषय 81 में से एक) |
| अवधि | 1 घंटा (60 मिनट) | 2 घंटे (120 मिनट) |
| प्रश्न का प्रकार | बहुविकल्पीय (MCQ) | बहुविकल्पीय (MCQ) |
| नकारात्मक अंकन | नहीं | नहीं |
नोट: परीक्षा का कुल समय 3 घंटे (180 मिनट) होता है। पेपर 1 समाप्त होने के बाद ही पेपर 2 प्रारंभ होता है।
MP SET पेपर 1 का सिलेबस (शिक्षण एवं शोध अभिक्षमता)
पेपर 1 सामान्य होता है और सभी उम्मीदवारों के लिए अनिवार्य है। इसमें 10 इकाइयाँ होती हैं। नीचे प्रत्येक इकाई के मुख्य विषय दिए गए हैं (तालिका 2):
| इकाई संख्या | इकाई का नाम | मुख्य टॉपिक्स |
|---|---|---|
| 1 | शिक्षण अभिक्षमता | शिक्षण के सिद्धांत, शिक्षण विधियाँ (व्याख्यान, प्रश्नोत्तर, प्रोजेक्ट, समस्या समाधान), शिक्षण सहायक सामग्री, कक्षा प्रबंधन, मूल्यांकन। |
| 2 | शोध अभिक्षमता | शोध का अर्थ, प्रकार (आधारभूत, व्यावहारिक, क्रियात्मक), शोध प्रक्रिया, परिकल्पना, शोध डिजाइन, चर, आंकड़ा संग्रह के साधन, शोध प्रतिवेदन। |
| 3 | समझ (Comprehension) | गद्यांश पर आधारित प्रश्न (तार्किक निष्कर्ष, सारांश, व्याख्या)। |
| 4 | संचार (Communication) | संचार के प्रकार (मौखिक, अलिखित, अमौखिक), प्रभावी संचार में बाधाएँ, संचार के मॉडल, जनसंचार माध्यम। |
| 5 | गणितीय अभिक्षमता और तार्किक अभिक्षमता | संख्या श्रृंखला, औसत, प्रतिशत, लाभ-हानि, सरलीकरण, कथन और निष्कर्ष, पहेलियाँ, सादृश्यता। |
| 6 | तार्किक तर्क | न्यायवाक्य (Syllogism), प्रेरणात्मक और निगमनात्मक तर्क, तर्कों का मूल्यांकन, विवेचनात्मक चिंतन। |
| 7 | आंकड़ों की व्याख्या (Data Interpretation) | सारणी, ग्राफ (स्तंभ, रेखा, वृत्त), चार्ट, आंकड़ों का विश्लेषण और निष्कर्ष निकालना। |
| 8 | सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) | कंप्यूटर के मूल तत्व, हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर, इंटरनेट, ई-मेल, सोशल मीडिया, ICT का शिक्षा में उपयोग। |
| 9 | लोक प्रशासन, लोक नीति एवं शासन | शासन के मॉडल, लोक नीति निर्माण, प्रशासनिक सुधार, कानूनी शासन, RTI, नागरिक चार्टर। |
| 10 | उच्च शिक्षा एवं शोध में नैतिकता | शैक्षणिक नैतिकता, साहित्यिक चोरी (Plagiarism), परामर्शदाता-शोधार्थी संबंध, शोध में नैतिक दुविधाएँ। |
MP SET पेपर 2 का सिलेबस (विषय विशेष)
पेपर 2 उम्मीदवार द्वारा चुने गए विषय पर आधारित होता है। MP SET में कुल 81 विषय उपलब्ध हैं। कुछ प्रमुख विषय निम्नलिखित हैं (तालिका 3):
| विषय कोड | विषय का नाम | विषय कोड | विषय का नाम |
|---|---|---|---|
| 01 | हिंदी | 30 | राजनीति विज्ञान |
| 02 | अंग्रेजी | 31 | समाजशास्त्र |
| 03 | संस्कृत | 32 | मनोविज्ञान |
| 04 | उर्दू | 33 | भूगोल |
| 05 | इतिहास | 34 | अर्थशास्त्र |
| 06 | दर्शनशास्त्र | 35 | गृह विज्ञान |
| 07 | संगीत | 36 | पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान |
| 08 | ललित कला | 37 | भौतिकी |
| 09 | रंगमंच कला | 38 | रसायन विज्ञान |
| 10 | पत्रकारिता | 39 | जीव विज्ञान |
| … | (अन्य विषय) | … | … |
प्रत्येक विषय के पाठ्यक्रम की संरचना:
प्रत्येक विषय में लगभग 10-15 इकाइयाँ होती हैं। उदाहरण के लिए, यदि आप हिंदी विषय चुनते हैं, तो पाठ्यक्रम में काल निर्धारण, आदिकाल, भक्तिकाल, रीतिकाल, आधुनिक काल, कविता, उपन्यास, कहानी, नाटक, आलोचना, भाषा विज्ञान आदि शामिल होते हैं। इसी प्रकार, इतिहास में प्राचीन, मध्यकालीन और आधुनिक भारत, राजस्थान, मध्य प्रदेश का विशेष इतिहास होता है।
MP SET सिलेबस डाउनलोड करने की प्रक्रिया
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MPPSC की आधिकारिक वेबसाइट
mppsc.mp.gov.inपर जाएँ। -
“Examination” या “SET” सेक्शन में जाएँ।
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“MP SET Syllabus 2026” या “Notification” लिंक पर क्लिक करें।
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PDF फाइल डाउनलोड करें। इसमें सभी 81 विषयों का विस्तृत पाठ्यक्रम होता है।
तैयारी के टिप्स
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सिलेबस को गहराई से समझें: प्रत्येक इकाई के वेटेज (अंक) का विश्लेषण करें। जिन इकाइयों के अधिक प्रश्न आते हैं, उन्हें पहले पूरा करें।
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मानक पुस्तकें पढ़ें: पेपर 1 के लिए UGC NET की पुस्तकें और पेपर 2 के लिए विशेषज्ञ पुस्तकें उपयोगी हैं।
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पिछले वर्षों के प्रश्न पत्र हल करें: इससे पैटर्न और कठिनाई स्तर का पता चलता है।
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मॉक टेस्ट दें: समय प्रबंधन के लिए नियमित रूप से ऑनलाइन मॉक टेस्ट लगाएँ।
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नोट्स बनाएँ: संशोधन के लिए संक्षिप्त नोट्स तैयार करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
प्रश्न 1: क्या MP SET और UGC NET का सिलेबस समान है?
उत्तर: बहुत हद तक समान है, विशेष रूप से पेपर 1 में। लेकिन MP SET के पेपर 2 में मध्य प्रदेश से संबंधित स्थानीय विषय (जैसे मध्य प्रदेश का इतिहास, संस्कृति) भी शामिल हो सकते हैं। इसलिए MP SET के आधिकारिक सिलेबस को ही मान्यता दें।
प्रश्न 2: क्या MP SET परीक्षा में नकारात्मक अंकन होता है?
उत्तर: नहीं, वर्तमान में MP SET में किसी प्रकार का नकारात्मक अंकन नहीं है। गलत उत्तर पर कोई अंक नहीं कटता।
प्रश्न 3: क्या मैं अपने पीजी (स्नातकोत्तर) विषय के अलावा कोई अन्य विषय चुन सकता हूँ?
उत्तर: सामान्यतः आपको अपने स्नातकोत्तर विषय का ही चयन करना चाहिए, क्योंकि पात्रता उसी पर आधारित होती है। हालाँकि, यदि आपने किसी अन्य विषय में कम से कम 55% अंक (आरक्षित वर्ग के लिए 50%) के साथ पीजी किया है, तो आप वह विषय चुन सकते हैं। विस्तृत नियम अधिसूचना में देखें।
प्रश्न 4: क्या MP SET सिलेबस हर साल बदलता है?
उत्तर: अधिकतर नहीं, लेकिन MPPSC कभी-कभी मामूली बदलाव कर सकता है। परीक्षा से पहले आधिकारिक अधिसूचना जरूर पढ़ें।
प्रश्न 5: MP SET पेपर 1 में कितने प्रश्न research aptitude से आते हैं?
उत्तर: पेपर 1 की 10 इकाइयों में से लगभग 5-6 प्रश्न (10-12 अंक) शोध अभिक्षमता से आते हैं। यह एक महत्वपूर्ण इकाई है।
प्रश्न 6: क्या MP SET की तैयारी के लिए कोचिंग जरूरी है?
उत्तर: बिल्कुल नहीं। यदि आप सही पुस्तकों, पिछले वर्ष के प्रश्नपत्रों और मुफ्त ऑनलाइन संसाधनों से अध्ययन करते हैं, तो आप स्वयं भी उत्तीर्ण हो सकते हैं।
प्रश्न 7: MP SET का सिलेबस हिंदी में कहाँ उपलब्ध है?
उत्तर: MPPSC की आधिकारिक वेबसाइट पर हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यमों में सिलेबस उपलब्ध होता है। आप PDF डाउनलोड करके हिंदी संस्करण पढ़ सकते हैं।
प्रश्न 8: क्या MP SET पास करने के बाद सीधे नौकरी मिल जाती है?
उत्तर: नहीं, MP SET पास करने से आप मध्य प्रदेश के विश्वविद्यालयों/कॉलेजों में सहायक प्रोफेसर के पदों के लिए पात्र हो जाते हैं। नौकरी पाने के लिए आपको अलग से साक्षात्कार (जहाँ लागू हो) या संस्थान द्वारा जारी विज्ञापन के तहत आवेदन करना होता है।
निष्कर्ष
MP SET की तैयारी में सिलेबस की स्पष्ट समझ सबसे पहला और सबसे महत्वपूर्ण कदम है। पेपर 1 (सामान्य) और पेपर 2 (विषय विशेष) दोनों के पाठ्यक्रम को ध्यानपूर्वक पढ़ें, अपनी कमजोर और मजबूत इकाइयों को पहचानें, और एक रणनीतिक अध्ययन योजना बनाएँ। नियमित अभ्यास, पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र और मॉक टेस्ट से आप निश्चित रूप से सफलता प्राप्त कर सकते हैं। इस लेख में दी गई तालिकाओं और FAQ ने आपके अधिकांश प्रश्नों का उत्तर दे दिया होगा।






