पटना, 7 अप्रैल 2026 – बिहार के धान उत्पादक किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण समाचार है। राज्य सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए धान की अधिप्राप्ति (खरीद) प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस बार केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर धान खरीदी जाएगी, जिससे किसानों को उनकी उपज का उचित दाम मिल सकेगा। राज्य में लाखों किसान धान की खेती करते हैं, और यह योजना उनके लिए वरदान साबित हो रही है।
धान अधिप्राप्ति क्या है?
धान अधिप्राप्ति का अर्थ है सरकार द्वारा किसानों से उनके उगाए हुए धान (चावल का कच्चा रूप) को निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदना। इसका उद्देश्य किसानों को बाजार के उतार-चढ़ाव से बचाना और उनकी आय सुनिश्चित करना है। बिहार में यह प्रक्रिया मुख्यतः भारतीय खाद्य निगम (FCI), बिहार राज्य खाद्य एवं आपूर्ति निगम (BSFSCL) और प्राथमिक कृषि साख समितियों (PACS) के माध्यम से संचालित होती है।
2025-26 के लिए मुख्य विवरण
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | बिहार धान अधिप्राप्ति योजना 2025-26 |
| फसल का प्रकार | धान (खरीफ सीजन) |
| खरीद प्रारंभ तिथि | अक्टूबर 2025 (सामान्यतः) / विस्तारित हो सकती है |
| खरीद समाप्ति तिथि | फरवरी 2026 (विस्तारित अवधि के साथ) |
| न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) | सामान्य धान: ₹2300 प्रति क्विंटल (ग्रेड A के लिए ₹2320) |
| क्रय केंद्रों की संख्या | राज्य भर में 2,000 से अधिक |
| क्रय एजेंसियां | FCI, BSFSCL, PACS, मार्कफेड, बिहार स्टेट वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन |
| लक्षित खरीद मात्रा | लगभग 40-45 लाख मीट्रिक टन |
| भुगतान का माध्यम | डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ अंतरण) – सीधे किसान के बैंक खाते में |
नोट: एमएसपी हर साल केंद्र सरकार द्वारा घोषित किया जाता है। 2025-26 के लिए यह दर 2025 के मध्य में घोषित होगी। ऊपर दी गई दर 2024-25 के संदर्भ में है; नवीनतम के लिए सरकारी अधिसूचना देखें। लेखन के समय (अप्रैल 2026) के अनुसार, 2025-26 का एमएसपी ₹2300-2320 प्रति क्विंटल ही रहने की संभावना है।
धान बेचने के लिए पात्रता और आवश्यक दस्तावेज
| पात्रता मानदंड | आवश्यक दस्तावेज |
|---|---|
| किसान बिहार का स्थायी निवासी हो। | आधार कार्ड (अनिवार्य) |
| उसके पास कृषि भूमि हो (अपनी या पट्टे पर)। | भू-स्वामित्व प्रमाण पत्र / खतियान |
| फसल उसी ने उगाई हो (काश्तकार)। | बैंक पासबुक (IFSC कोड सहित) |
| फसल का पंजीकरण राज्य के ई-किसान पोर्टल पर हो। | रबी/खरीफ फसल पंजीकरण प्रमाण पत्र |
| धान नमी रहित और साफ हो। | पटवारी / ग्राम पंचायत से फसल प्रमाण पत्र |
धान अधिप्राप्ति की चरणबद्ध प्रक्रिया
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ऑनलाइन पंजीकरण: किसान सबसे पहले राज्य के कृषि पोर्टल (https://kisan.bihar.gov.in) या नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर अपना पंजीकरण कराते हैं। पंजीकरण के लिए आधार, बैंक खाता और भूमि दस्तावेज आवश्यक हैं।
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क्रय केंद्र का चयन: पंजीकरण के बाद किसान अपने गाँव या आस-पास के किसी सरकारी क्रय केंद्र को चुन सकता है। राज्य में 2,000 से अधिक केंद्र खोले जाते हैं।
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नमूना और गुणवत्ता जांच: केंद्र पर ले जाए गए धान की नमी (अधिकतम 17% अनुमत), विदेशी पदार्थ, और टूटे हुए दाने की जांच की जाती है। गुणवत्ता मानकों पर खरा उतरने पर ही खरीद होती है।
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तौल और बिल निर्माण: धान का वजन किया जाता है और किसान को एक ऑनलाइन बिल (प्राप्ति पर्ची) दी जाती है।
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भुगतान: बिल बनने के 48 घंटों के भीतर एमएसपी के अनुसार पूरी राशि सीधे किसान के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से भेज दी जाती है। किसी भी प्रकार का नकद लेन-देन नहीं होता है।
बिहार में धान खरीद की प्रमुख चुनौतियाँ और समाधान
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चुनौती: लंबी कतारें और किसानों को दिनों इंतजार करना पड़ना।
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समाधान: सरकार ने ऑनलाइन टोकन प्रणाली और अधिक क्रय केंद्र खोलकर इस समस्या को कम किया है।
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चुनौती: नमी अधिक होने पर धान का रिजेक्ट होना।
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समाधान: किसानों को जागरूक किया जा रहा है कि धान को अच्छी तरह धूप में सुखाकर लाएँ।
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चुनौती: दलालों और बिचौलियों का हस्तक्षेप।
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समाधान: सख्त निगरानी और एफआईआर का प्रावधान।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
प्रश्न 1: बिहार धान अधिप्राप्ति 2025-26 के लिए पंजीकरण कब से शुरू हो गया है?
उत्तर: आमतौर पर पंजीकरण धान की कटाई से पहले (सितंबर-अक्टूबर 2025) से शुरू हो जाता है। अप्रैल 2026 में यदि आपने अभी तक पंजीकरण नहीं कराया है, तो हो सकता है कि आप विलंबित श्रेणी में आवेदन कर सकें। नवीनतम जानकारी के लिए अपने जिला कृषि कार्यालय से संपर्क करें।
प्रश्न 2: इस बार धान का MSP कितना है?
उत्तर: विपणन वर्ष 2025-26 के लिए केंद्र सरकार ने सामान्य धान का MSP ₹2300 प्रति क्विंटल और ग्रेड A धान का ₹2320 प्रति क्विंटल घोषित किया है। यह दर पिछले वर्ष की तुलना में ₹100-117 अधिक है।
प्रश्न 3: क्या मैं बिना पट्टे वाला किसान (भूमिहीन) धान बेच सकता हूँ?
उत्तर: हाँ, यदि आप किसी और की जमीन पर धान उगाते हैं, तो आपको भू-स्वामी से एक अनुमति पत्र (No Objection Certificate) और पंचायत स्तर पर काश्तकारी प्रमाण पत्र लाना होगा। साथ ही आपका नाम फसल पंजीकरण में होना चाहिए।
प्रश्न 4: धान बेचने के बाद पैसा कितने दिनों में आता है?
उत्तर: भुगतान डीबीटी के माध्यम से किया जाता है। आमतौर पर धान बेचने के 48 से 72 घंटों के भीतर राशि आपके बैंक खाते में आ जाती है। यदि देरी होती है, तो आप संबंधित क्रय एजेंसी के हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत कर सकते हैं।
प्रश्न 5: क्या धान खरीद की कोई सीमा है?
उत्तर: सामान्यत: एक किसान अधिकतम 200 क्विंटल धान सरकारी एजेंसियों को बेच सकता है। बड़े किसानों के लिए यह सीमा जिला स्तर पर बढ़ाई जा सकती है। सटीक जानकारी के लिए अपने क्रय केंद्र के प्रभारी से मिलें।
प्रश्न 6: अगर मेरे धान में नमी ज्यादा है तो क्या होगा?
उत्तर: यदि धान में नमी 17% से अधिक है, तो उसे खरीदने से मना कर दिया जाएगा। आपको अपने धान को अच्छी तरह धूप में सुखाकर (2-3 दिन) फिर से लाना होगा। नमी कम करने के लिए सरकार किसानों को सूखे स्थान पर फसल रखने की सलाह देती है।
प्रश्न 7: मैं अपने नजदीकी क्रय केंद्र की सूची कहाँ देख सकता हूँ?
उत्तर: आप बिहार राज्य खाद्य एवं आपूर्ति निगम की आधिकारिक वेबसाइट (http://bsfsc.bihar.gov.in) पर जाकर या अपने प्रखंड कृषि कार्यालय से सूची प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा कई ई-मित्र केंद्रों पर भी यह जानकारी उपलब्ध होती है।
प्रश्न 8: अगर क्रय केंद्र पर मुझे कम तौल या गड़बड़ी हो तो कहां शिकायत करूं?
उत्तर: आप तुरंत टोल-फ्री नंबर 1800-180-1551 पर कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष (DCC) और मुख्यमंत्री के हेल्पलाइन (181) पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। सरकार ने प्रत्येक क्रय केंद्र पर एक शिकायत पुस्तिका भी रखी है।
प्रश्न 9: क्या यह योजना केवल सामान्य धान के लिए है या बासमती के लिए भी?
उत्तर: यह योजना मुख्य रूप से सामान्य गैर-बासमती धान (Common Paddy) के लिए है। उच्च गुणवत्ता वाले बासमती धान का MSP अलग होता है और उसकी खरीद भी अलग एजेंसियों द्वारा हो सकती है। बासमती के लिए अपने नजदीकी कृषि उत्पादन मंडी (APMC) में संपर्क करें।
प्रश्न 10: क्या योजना का लाभ लेने के लिए मेरा आधार बैंक खाते से लिंक होना अनिवार्य है?
उत्तर: हाँ, डीबीटी के कारण आधार-बैंक लिंक अनिवार्य है। यदि लिंक नहीं है, तो आपको भुगतान नहीं मिल पाएगा। तुरंत अपने बैंक जाकर लिंक कराएं।
निष्कर्ष
बिहार सरकार की धान अधिप्राप्ति योजना किसानों के लिए एक सुरक्षा कवच है। ₹2300 प्रति क्विंटल के एमएसपी पर धान खरीदे जाने से किसानों को बाजार में मनमाने दामों से निजात मिलती है। सभी किसानों से आग्रह है कि वे समय पर ऑनलाइन पंजीकरण करवा लें, अपने धान को अच्छी तरह सुखाकर, साफ करके और आवश्यक दस्तावेजों के साथ नजदीकी सरकारी क्रय केंद्र पर ले जाएं। किसी भी प्रकार की समस्या होने पर ऊपर दिए गए हेल्पलाइन नंबरों पर शिकायत दर्ज कराएं। यह योजना राज्य की प्रगति और किसानों के कल्याण का प्रतीक है।






